Gussa Kam Karne Ke Upay In Hindi

गुस्सा क्यों आता है ?

वैज्ञानिकों के अनुसार यह भावना व्यक्त करने का माध्यम है, जैसे हम जब ज्यादा परेशान हो जाते हैं, या हमारे मन में कोई डर बैठ जाता है… या फिर हमें किसी चीज के खो जाने का डर होता है… जैसे हमारे अपने, हमारी इज़्ज़त, संपत्ति, या खुद की पहचान। और ख़ास कर तब, जब हमारे पास ऐसे हालत से निपटने के लिए कोई हल नजर नहीं आता ।

आपको गुस्सा आने के लिए जरूरी नही है कि आपको एक बड़े कारण की जरूरत होती है, बल्कि कई बार आपको छोटी छोटी बातो पर भी गुस्सा आने लगता है. इसका कारण होता है हमारा महत्वकांक्षी होना, साथ ही हमारे दिन में होने वाली घटनाएँ भी हमारे गुस्से का कारण होती है. ये गुस्सा या तो आपके घर के सदस्यों, आपके मित्रो या फिर अपने सहकर्मियों पर निकल जाता है और आपके उनके साथ रिश्तो में कड़वाहट पैदा कर देता है. कुछ लोग तो ऐसे होते है जो कही भी अपने गुस्सा निकल देते है और चीखने चिल्लाने लगते है

गुस्सा वाले लोगों की विशेषता :

यह ग़लतफ़हमी है की गुस्से को दबाना नहीं चाहिए। निकाल देना चाहिए। जब आप चीखते चिल्लाते हैं तो गाली गलौच करते हैं गुस्से की आग बढ़ती ही है कम नहीं होती। कुछ लोग समझते हैं कि गुस्सा , विरोध या धमकी का उपयोग करने से इज्जत बढ़ती है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोग आपके गुस्से से कुछ हद तक डर सकते हैं लेकिन इज्जत कभी नहीं देंगे।

क्रोध परिवार के लिए भी नुकसानदेह होता है। क्रोध करने के बाद व्यक्ति स्वयं पछताता है क्योंकि क्रोध के समय बुद्धि कार्य करना बंद कर देती है। इससे परिवार में तनावपूर्ण तथा अप्रीतिकर वातावरण उत्पन्न होता है।

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गुस्सा करने वाले लोग अपने हिसाब से सब कुछ चाहने की जिद करते हैं। वैसे सभी की इच्छा होती है की जैसा वे चाहते हैं वैसा हो और नहीं होता तो दुःख और निराशा भी होती है लेकिन गुस्सैल लोग उन चीजों के लिए जबरदस्ती करते है और निराशा को गुस्से से व्यक्त करते हैं।

हम अक्सर देखते है की कोई गुस्से से अपना मोबाइल फेक देता है, कोई घर की चीजो को फोड़ने लगता है और बाद मे उन्हे भान होता है की उनसे गलती हो गई है. इसके कारण न सिर्फ आर्थिक नुक्सान होता है बल्कि स्वास्थ्य हानि भी होती है।

Gussa Kam Karne Ke Upay In Hindi

Gussa Kam Karne Ke Upay In Hindi

गुस्से से होने वाली नुकसान / side effects of anger in hindi

  • जब क्रोध करने वालों को हाई ब्लड प्रेशर की बिमारी भी हो सकती है
  • क्रोध ऐसी भावना है जो जनरलाइज्डए एंग्जालयटी डिस्ऑरर्डर (जीएडी) को और ज्यादा बिगाड़ देती है। मालूम हो कि यह अवस्था किसी भी विषय पर जरूरत से ज्यादा फिक्र करने के कारण होती है।
  • मनुष्य क्रोध करने वाले कुछ लोग पाचन तंत्र की समस्या से ग्रस्त हो जाते है
  • कहते हैं एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड़ सकता है। बड़े बुजुर्ग क्रोध को पाप की श्रेणी में रखते हैं। यह भी कहा जाता है कि क्रोध मनुष्य का विवेक और बुद्धि खा जाता है। जाहिर सी बात है कि क्रोध के कई नकारात्माक प्रभाव होते हैं।
  • गुस्सेल लोगो को नींद आने मे भी समस्या होने लगती है.
  • आप गुस्सा आदमी को जुर्म की दुनिया मे भी घुसा देता है

गुस्से को काबू में करे / How To Control Anger

आपको भी महसूस होने लगता है कि गुस्सा आने पर आप पर एक ताकतवर और अप्रत्याशित चीज हावी हो जाती है जो आपको नुकसान पहुंचाती है , अतः इसे कतई हावी ना होने दें।

जब भी आपको गुस्सा आए तो गहरी सांस लें। जब आप गहरी सांस लेते हैं, तो मस्तिष्क में स्थित वेगस नर्व शरीर को संकेत देती है कि वह मांसपेशियों को ढीला छोड़े और शांत हो जाए। भावनाओं को सही दिशा देने में शारीरिक गतिविधियां काफी कारगर साबित होती हैं। खासतौर पर यदि आपके लिए गुस्से को काबू कर पाना मुश्किल हो रहा हो, तो जरूरी है कि आप किसी सकारात्मक और सृजनात्मक शारीरिक गतिविधि में जुट जाएं।

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हमारे गुस्सा एक प्रकार का भाव है जो व्यक्ति के अंतर्मन में रहता है. यह एक प्रकार का नकारात्मक भाव है जिस में अपराध बोध, आक्रोष, ईर्ष्या आदि बहुतकुछ शामिल होता है. गुस्सा आने से व्यक्ति की सकारात्मक सोच लगभग समाप्त हो जाती है.

यदि गुस्सा बहुत आता हो तो धरती माता को रोज सुबह उठकर हाथ से पाँच बार छूकर प्रणाम करें और सबसे विशाल ह्रदय धरती माँ से अपने गुस्से पर काबू करने और सहनशील होने का मागें।

योगा, हमारे शरीर और मन की संतुलन को ठीक रखने में हमारी मदद करता है। हर रोज़ योगा का और मैडिटेशन का प्रयास, क्रोध को नियंत्रण करने में बहुत हद तक मदद करता है।

कुछ बच्चे हाइपर एक्टिव होते हैं. उन्हें हमेशा कुछ न कुछ गलत काम करने की इच्छा बनी रहती है. ऐसे बच्चों को मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए. गुस्सा वंशानुक्रम भी होता है. कुछ हद तक अगर मातापिता इस के शिकार हैं तो बच्चे को भी होने का अंदेशा होता है पर उन्हें बचपन से डाक्टरी परामर्श मिले तो वे सुधर सकते हैं.

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खाली पेट चबा-चबाकर पन्द्रह दिन लगातार खाने से गुस्सा शान्त होता है। बर्तन फैंकने वाला, तोड़ फोड़ करने वाला और पत्नि और बच्चों पर हाथ उठाने वाला व्यक्ति भी अपने क्रोध से मुक्ति पा सकेगा। इसके सेवन से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति भी बढ़ जाती है

क्रोध को कम करने के लिए बातचीत बंद करें, और खाने में जो चीज़ पसंद है, उसे स्वयं के लिए बनाना शुरू करें, तो कुछ ही समय में आप क्रोध को भूल जायेंगे

गुस्सा आने पर दो तीन गिलास खूब ठंडा पानी धीरे धीरे घूँट घूँट लेकर पिएं । पानी हमारेशारीरिक तनाव को कम करके क्रोध शांत करने में मददगार होता है

हमेशा याद रखे की गुस्सा हमारे लिए हानिकारक है, अतः इसे छोड़ना चाहिए

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